गोवा बना पीएम विश्वकर्मा योजना के पहले बैच और केंद्रों को लॉन्च करने वाला पहला राज्य / हर घर में एक कुशल व्यक्ति का लक्ष्य

पणजी :कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साथ राज्य में पीएम विश्वकर्मा के तहत दस कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का शुभारंभ किया। इसके साथ, गोवा पीएम विश्वकर्मा योजना के पहले बैच और केंद्रों को लॉन्च करने वाला पहला राज्य बन गया है। समारोह का आयोजन कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय द्वारा मडगांव के रवींद्र भवन में किया गया था।
मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने कहा कि सरकार का इरादा प्रत्येक युवा को बेहतर कौशल प्रदान करना और लाभकारी रोजगार के लिए समर्थन देना है। इसके लिए सरकार छात्रों के लिए डुअल डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स लॉन्च करेगी, जिसमें छात्र ग्रेजुएशन कोर्स के साथ-साथ आईटीआई का कोर्स भी ज्वाइन कर सकेंगे। इस पहल से राज्य में कुशल जनशक्ति तैयार होगी और रोजगार के अधिक अवसर आकर्षित होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने गोवा के युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कौशल विकास निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय और आईटी क्षेत्र और कौशल प्रबंधन में शामिल विभिन्न उद्योगों के बीच विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
सरकार युवाओं की स्किलिंग, रीस्किलिंग और अपस्किलिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिसके परिणामस्वरूप बेहतर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास होगा।’
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक कारीगरों को सम्मान और पहचान प्रदान करने के लिए ऐसी अनूठी योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की, जो वित्तीय सहायता और कौशल उन्नयन के बिना रह गए थे।
कौशल विकास राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को फ्यूचर रेडी, इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें उद्योगों के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्ध होगी और लोगों को उनके कौशल और क्षमताओं के अनुसार रोजगार मिलेगा।
आजकल केवल शैक्षणिक डिग्रियाँ प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है – किसी व्यक्ति के पास कार्य को पूर्णता के साथ करने के लिए अच्छे कौशल होने चाहिए। चन्द्रशेखर ने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें हर घर में कम से कम एक कुशल व्यक्ति होगा।
जिन केंद्रों पर पीएम विश्वकर्मा का पहला बैच शुरू हुआ है उनमें नौ सरकारी आईटीआई और मत्स्य पालन निदेशालय का एक केंद्र शामिल है। योजना के तहत पारंपरिक व्यवसायों जैसे बढ़ई, नाव निर्माता, लोहार, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, मोची आदि के 18 व्यवसायों की पहचान की गई है, जिनके लिए प्रशिक्षण केंद्रों पर कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
सबसे पहले टेलर ट्रेड कोर्स शुरू किया जाएगा। अब तक विभिन्न व्यवसायों में 29 हजार कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा के तहत नामांकित किया गया है।
इस अवसर पर पीएम विश्वकर्मा गुरु का सम्मान पहल के तहत अपने व्यापार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कारीगरों को सम्मानित किया गया।
पीएम विश्वकर्मा का लक्ष्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पाद और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह योजना मान्यता, भत्ते के साथ अपस्किलिंग प्रशिक्षण, टूलकिट खरीद के लिए 15,000 रुपये का ई वाउचर और 5 प्रतिशत की दर पर एक लाख रुपये का ऋण और दूसरे चरण में दो लाख रुपये प्रदान करेगी। कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर इसके लिए तीन दिनों की विशेष गोवा यात्रा पर थे।

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