75वें गणतंत्र दिवस में ‘विकसित भारत’ और ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ है मुख्य विषय / परेड में महिलायें होगी केंद्र में


पहली बार भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों के साथ 100 महिला कलाकारों द्वारा होगा परेड का शुभारंभ
‘अनंत सूत्र – द एंडलेस थ्रेड’ से देश के हर कोने से लगभग 1,900 साड़ियों और पर्दों का प्रदर्शन
गोवा समाचार ब्यूरो
नई दिल्ली :’विकसित भारत’ और ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ की विषय-वस्तु के साथ, 26 जनवरी, 2024 को कर्तव्य पथ पर 75वें गणतंत्र दिवस की परेड में महिलाओं को केंद्र में रखा जाएगा। रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिला मार्चिंग टुकड़ियां परेड का प्रमुख हिस्सा होंगी, जिसमें राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) तथा केंद्रीय मंत्रालयों व संगठनों की अधिकांश झांकियां देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, एकता और प्रगति का प्रदर्शन करेंगी।। उन्होंने दोहराया कि विषय-वस्तुओं का चयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों के अनुरूप किया गया है, जिसमें ‘भारत को वास्तव में लोकतंत्र की जननी माना गया है।’
पहली बार, 100 महिला कलाकार भारतीय संगीत वाद्ययंत्र बजाते हुए परेड का शुभारंभ करेंगी। इसकी शुरुआत महिला कलाकारों द्वारा बजाए जाने वाले शंख, नादस्वरम, नगाड़ा आदि के संगीत से होगी।
परेड में पहली बार महिलाओं की त्रि-सेवा टुकड़ी भी कर्तव्य पथ पर मार्च करती हुई दिखाई देगी। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के दस्ते में महिला कर्मी भी शामिल होंगी। रक्षा सचिव ने बताया है कि इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं का बेहतरीन प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा।
परेड सुबह साढ़े दस बजे से प्रारम्भ होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी। कर्तव्य पथ पर 77,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है, जिसमें से 42,000 आम जनता के लिए आरक्षित हैं।
कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान कुल 25 झांकियां चलेंगी, जिनमें 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों और नौ मंत्रालयों व विभागों की झांकियां शामिल होंगी।
संस्कृति मंत्रालय इस वर्ष कर्तव्य पथ पर ‘अनंत सूत्र – द एंडलेस थ्रेड’ का प्रदर्शन करेगा। इसे प्रांगण में बैठे दर्शकों के पीछे प्रदर्शित किया जाएगा। अनंत सूत्र वास्तव में साड़ी परिधान हेतु एक विशेष सम्मान है, जो फैशन की दुनिया के लिए भारत द्वारा दिए गए शाश्वत उपहार की तरह है। यह अनोखा प्रतिष्ठापन देश के हर कोने से आने वाली लगभग 1,900 साड़ी परिधानों और पर्दों को प्रदर्शित करेगा, जो कर्तव्य पथ के साथ लकड़ी के फ्रेम के साथ ऊंचाई पर लगाए गए हैं। इस प्रदर्शन में क्यूआर कोड भी दर्शाए जा रहे हैं, जिन्हें स्कैन करके लोग उत्पादों में इस्तेमाल की जाने वाली बुनाई और कढ़ाई कला के बारे में विवरण जान सकते हैं।
चूंकि राष्ट्र इस वर्ष अपने गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, इसलिए रक्षा मंत्रालय समारोह के दौरान एक स्मारक सिक्का और स्मारक टिकट जारी करेगा।
वंदे भारतम 3.0 नृत्य प्रतियोगिता का तीसरा संस्करण गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। इससे महिला कलाकारों के समूह कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करेंगी । करीब 200 महिला कलाकार सलामी मंच के सामने प्रस्तुति देंगी। वीर गाथा 3.0
सशस्त्र बलों के वीरतापूर्ण कार्यों एवं बलिदानों के बारे में बच्चों को जागरूक करने और इस संबंध में सूचनाओं के प्रसार के लिए गणतंत्र दिवस समारोह-2024 के एक भाग के रूप में प्रोजेक्ट वीर गाथा का तीसरा संस्करण आयोजित किया गया। रक्षा मंत्रालय द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से 13 जुलाई से 30 सितंबर, 2023 के बीच हुआ था। वीर गाथा 3.0 में पूरे भारत के 2.42 लाख स्कूलों से रिकॉर्ड संख्या में 1.36 करोड़ विद्यार्थियों ने भाग लिया। ‘सुपर-100’ कहे जाने वाले कुल 100 स्कूली विद्यार्थियों को विजेता घोषित किया गया है, जिन्हें 25 जनवरी, 2024 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वे सभी गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल होंगे।
ई-आमंत्रण
इस वर्ष भी, विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों को निमंत्रण एक विशेष पोर्टल www.e-invation.mod.gov.in के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक मोड में जारी किए गए । इस पहल ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित तथा कागज रहित बनाना सुनिश्चित किया है और देश के सभी हिस्सों से लोगों को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने में सक्षम बनाया है।

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