सुदृढ ऊर्जा क्षेत्र राष्ट्र की प्रगति का शुभ संकेत : पीएम मोदी

सौर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन
बैतूल :भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 देश की सर्वोच्च और एकमात्र विशिष्ट ऊर्जा प्रदर्शनी और सम्मेलन है। यह भारत के ऊर्जा पारगमन लक्ष्यों को प्रेरित करने के लिए संपूर्ण ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को एक मंच प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा में भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए, भारत ऊर्जा सप्ताह के दूसरे संस्करण में सभी का स्वागत किया। ऊर्जावान गोवा राज्य में हो रहे इस कार्यक्रम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन आतिथ्य की भावना के लिए जाना जाता है। इस स्थान का प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति वैश्विक पर्यटकों पर गहन प्रभाव छोड़ती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गोवा विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह चिरस्थाई भविष्य और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता पर चर्चा के लिए आदर्श स्थल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 के आयोजन में गोवा में एकत्र हुए विदेशी मेहमान गोवा की यादें अपने साथ ले जाएंगे और ये यादें जीवनपर्यंत उनके साथ रहेंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन बहुत ही महत्वपूर्ण कालखंड में रहा है। इस वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में भारत की जीडीपी दर 7.5 प्रतिशत से अधिक हो गई थी। यह विकास दर वैश्विक विकास अनुमान से अधिक है, आज भारत, विश्व में सर्वाधिक तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी भविष्यवाणी की है कि हम ऐसे ही तीव्र गति से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज दुनियाभर के आर्थिक विशेषज्ञों का विश्वास है कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की इस विकास गाथा में ऊर्जा क्षेत्र का दायरा व्यापक हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा, तेल और एलपीजी उपभोक्ता है। उन्होंने कहा कि भारत चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार होने के साथ-साथ चौथा सबसे बड़ा तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयातक और रिफाइनर है। उन्होंने देश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की बढ़ती मांग को भी रेखांकित किया और 2045 तक देश की ऊर्जा मांग दोगुनी होने के अनुमान के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री ने इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत की योजना के बारे में विस्तार से बताया। किफायती ईंधन सुनिश्चित करने के प्रयासों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतिकूल वैश्विक कारकों के बावजूद, भारत उन कुछ देशों में से है जहां पेट्रोल की कीमतें कम हुई हैं और करोड़ों घरों को विद्युतीकृत करके शत-प्रतिशत बिजली पहुंचाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत न केवल अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है बल्कि वैश्विक विकास की दिशा भी निर्धारित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चक्रीय अर्थव्यवस्था और पुन: चक्रण (रि-यूज) की अवधारणा भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा रही है और यह बात ऊर्जा क्षेत्र पर भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पिछले वर्ष आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में हमने जिस ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस को शुरू किया था वह हमारी भावना का प्रतीक है जो वैश्विक सरकारों, संगठनों और उद्योगों को एक मंच प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में एक करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने के उद्देश्य से न केवल एक प्रमुख मिशन का शुभारंभ होगा। यह न केवल एक करोड़ परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि उनके घरों में जो अतिरिक्त बिजली सृजित होगी उसे सीधे ग्रिड तक पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों से परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, “संपूर्ण सौर मूल्य श्रृंखला में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।”
ऊर्जा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता हासिल करना प्रधानमंत्री का प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इस दिशा में एक और कदम के रूप में, भारत ऊर्जा सप्ताह 6 से 9 फरवरी 2024 तक गोवा में आयोजित किया गया ।भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 का महत्वपूर्ण लक्ष्य स्टार्टअप को प्रोत्साहन और उन्हें ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में संबद्ध करना है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के लगभग 17 ऊर्जा मंत्रियों, 35,000 से अधिक भागीदार रहेंगे।

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